भारतीय काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक संघ का उद्देश्य

सिडनी ,आस्ट्रेलिया में जून 2005 को हुई विश्व काईरोप्रेक्टिक संघ की बैठक के बाद भा.का.चि. संघ एक निर्वाचित सदस्य है। वि.का.संघ विश्व स्वास्थ्य संघठन(WHO) से संबद्ध है और वि. का. संघ ने भा.का.चि.संघ को भारत में काईरोप्रेक्टिक के लिये मान्यता प्रदान की है।

भा.का.चि.संघ का लक्ष्य भारत की जनता में अपनी छवि की रक्षा करते हुये काईरोप्रेक्टिक को एक प्राकृतिक चिकित्सा के रुप में स्थापित करना है।

भारत में हमारा लक्ष्य एक सुव्यवस्थित जरिया बनने का है जो काईरोप्रेक्टिक को एक सकारात्मक प्रकाश में लाये , साथ ही भारतीय विदेशी शिक्षण संस्थानों का मेजबान वनना है जो कि सकारात्मक कार्यास्थल संबन्ध बना सके(सभी संघीय और क्षेत्रीय स्तर पर) ।
PDFकाईरोप्रेक्टिक में सुरक्षा का प्रथमिक शिक्षण पर WHO का निर्देश

पीठ और गर्दन की देखभाल के लिये सलाह

पीठ और गर्दन की देखभाल की सलाह के लिये लेख । भा.का.चि.संघ के सौजान्य से यहां क्लिक करें...