काईरोप्रेक्टिक शोध
स्वास्थ्य चिकित्सा व्यवसाय परीक्षण पहले की अपेक्षा इन दिनो काफी उन्नत दशा में है। सरकारी मन्त्रालय और बहुत से शोधकर्ता , वैज्ञानिक जांच , उनके निष्कर्ष , मरीजों के सर्वेक्षण का संचालन करते हैं ताकि इन तकनीकों से व्यय और सुरक्षा का मूल्यांकन कर सकें।
काईरेप्रेक्टिक चिकित्सा यथार्थ रुप से सबसे ज्यादा मूल्यांकित स्वास्थ्य व्यवसायों में से एक है। पिछले 25 सालों के अन्दर विश्व में बहुत से वैज्ञानिक शोधों के अलावा 6 सरकारी निरीक्षण हुये हैं, और काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा की अपनी महत्ता ने अपने आप को साबित करते हुये अपनी गुणवत्ता , सुरक्षा, मूल्यांकन, और मरीजों में आत्मसंतुष्टि वृद्धि के मामलों में उच्च स्थान पाया है।
राष्ट्रीय पीठ दर्द सर्वेक्षण(2003)
कनाडा में कैनेडियन काईरोप्रेक्टिक संघ के लिये अप्रैल 2003 में एनवायरोनिक्स रिसर्च समूह ने पीठ दर्द सर्वेक्षण कराया था। 1500 वयस्कों के राष्ट्रीय सर्वेक्षण जोकि 18 वर्ष से उपर थे , मे से 1062 वयस्कों ने पिछले 24 महीनों में पीठ दर्द महसूस किया था , जो कि कनाडा की जनसंख्या को उम्र , लिंग, और क्षेत्रीयता के रुप में प्रस्तुत करते थे।ये सर्वेक्षण 20 में से 19 बार +/- 2.5 प्रतिशत शुद्ध था।
काईरोप्रेक्टिक प्रगति का चक्र (2003)
हर साल 26 मिलियन अमेरिकी काईरोप्रेक्टिक चिकित्सकके पास क्यों जाते हैं? कुछ चिकित्सा समुदाय इसका जवाब नही दे सकत? या वो इसके जवाब की परवाह नही करते , लेकिन तथ्य ये है कि हर साल 50 प्रतिशत कामकाजी लोग पीठ दर्द से ग्रसित होते हैं, और ये लक्षण 45 साल से कम उम्र के लोगों को अशक्त करने का सामान्य कारण है , जिससे शल्य और दवाओं पर काफी पैसा व्यय हो जाता है साथ ही अशक्तता की अवधि भी बढ़ जाती है। जिसके फलस्वरुप अरबों डालर की उत्पादकता का नुकसान होता है। लेकिन काईरोप्रक्टिक चिकित्सा खर्च कम करके उत्पादकता बढाने में मदम करता है, ताकि लोग जल्दी अपने काम पर वापस जा सकें।
काईरोप्रेक्टिक प्रगति का चक्र देखें
चिकित्सा कार्यक्रम में काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा की उपयोगिता , खर्च और प्रभाव(2001)
ये अध्ययन स्वास्थ्य कार्यक्रम में काईरोप्रेक्टिक सेवाओं की उपयोगिता, खर्च, और प्रभावों का विश्लेषण करता है। ये निराक्षण व्यक्त करता है कि किसी और स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित मरीजों को काईरोप्रेक्टिक सेवाओं से उतना ही लाभ कम खर्च और बेहतर तरीकों से प्राप्त होता है। इस निष्कर्ष से ये पता चलता है कि काईरेप्रेक्टिक चिकित्सा मरीजों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराती है। इस निष्कर्ष से ये भी पता चलता है कि काईरोप्रेक्टिक सेवायें कम खर्च में बेहतर सुधार करने में हतूर्ण भूमिका निभाती हैं।
पूरी रिपोर्ट देखने के लिये यहां क्लिक करें
रैण्ड का अध्ययन(2001)
काईरोप्रेक्टिक के प्रति बदलता नजरिया............और एक गैर पारम्परिक स्वास्थ्य चिकित्सा से राष्ट्रीय लाभ
आज विषम चिकित्सा और दन्त चिकित्सा के बाद तीसरी सबसे बड़ा चिकित्सा समूह काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा का है जो सीधे मरीजों का उपचार करते हैं। AMA की नीती हैकि विषम चिकित्सकों को काईरोप्रेक्टिक से उनकी अरोग्यकर सेवाओं के लिये न सिर्फ व्यवसायिक रुप से जुड़ना चाहिये बल्कि अपने मरीजों को भी काईरोप्रेक्टिक सेवाओं के लिये प्रेरित करना चाहिये।
इस अध्ययन के बारे में और जानकारी के लिये यहां क्लिक करें
मांगा रिपोर्ट 1998
ऑन्टेरियो स्वास्थ्य मन्त्रालय से संवाद के बाद ये विशेष रिपोर्ट लिखी गयी थी जो एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा लाभ के रुप में कनाडा के सभी अधिकार क्षेत्रों में समान रुप से लागू है।
इस रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष ये है की काईरोप्रेक्टिक सेवाओं का OHIP विस्तार निम्नलिखित अन्तरसम्बन्धित समस्याओं से निजात दिलाती है:
(क)स्नायु, मांसपेशी, और संरचना संबन्धित विकार के लिये स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक व्यय।
(ख)इन सेवाओं तक असमान औ र अमुक्त पहुंच।
(ग)स्नायु ,मांसपेशी, और संरचना से जुड़े विकारों और चोटों के चिकित्सीय समायोजन के बाद बुरी और चिन्ताजनक स्वास्थ्य प्राप्त होना ।
नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत काईरोप्रेक्िक का असाधारण विस्तार बेहतर स्वास्थ्य, कम खर्च में स्वास्थ्य लाभ और जरुरतमंदो की पहुंच के अन्दर बनाता है, जिससे ये कई सामाजिक आर्थिक समूहों जो कि OHIP विस्तार के अंतर्गत आता है और समान रुप से चिकित्सा की पहूमच से दूर है, की पहुंच के अंदर बनाता है।
पूरी जानकारी रक्षित करने के लिये यहां क्लिक करे
मांगा रिपोर्ट1993
1993 में ऑन्टेरियो स्वास्थ्य मंत्रालय ने कनाडा के शोधकार्य को अनुदान दिया जिसमे काईरोप्रेक्टिक कार्य संबन्धी विकारों का खर्च कम कर सकें और स्वास्थ्य लाभ में वृद्धि कर सकें ,का अध्ययन कि जाय।
इस अध्ययन से विशेषतः ये पता लगा कि काईरोप्रेक्टिक कमर दर्द में काफी असरदार है। कई ऐतिहासिक स्वास्थ्य अध्ययन का पुनरावलोकन के बाद शओधकरताओं ने ये निष्कर्ष निकाला कि काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा काफी प्रभावशाली तरीका है। सच मां उन्होने पाया कि जो चिकित्सा काईरोप्रेक्टिक द्वारा उपयोग में नही लायी जाती वो प्रशनात्मक है।
"अति विश्वसनीय साक्ष्य"
ये स्थापित करने के बाद कि काईरोप्रेक्टिक मरीज परम्परागत मरीजों की तुलना में अपने कार्य पर जल्दी वापस लौटते हैं, इसने इसके भी साक्ष्य प्रस्तुत किये हैं कि काईरोप्रेक्टिक मरीज उच्चस्तर की आत्मसंतुष्टि प्राप्त करते हैं।
इसमें मुख्य विश्वसनीय साक्ष्य सुरक्षा का मुद्दा था। अध्ययन से ये भी निष्कर्ष निकलता है कि काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा अन्य चिकित्सा से ज्यादा सुरक्षात्मक है।