पीठ और गर्दन की देखभाल के लिये सलाह
पीठ और गर्दन की देखभाल की सलाह के लिये लेख पढ़ें, ये सलाह केवल मार्गदर्शन के लिये हैं कृपया अपने काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक से सलाह लें। भा.का.चि.संघ के सौजान्य से।
- क्या आपके काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक ने आपके मेरुदण्ड की नियमित जांच की: नियमित मेरुदण्ड की जांच आपकेमेरुदण्ड की सही स्थति क्रिया की जानकारी देता है और भविष्य में होने वाले खतरों को भी रोकता है।
- नियमित व्यायाम: कमजोर मांसपेशियां आपके पीठ और गर्दन में दर्द होने के खतरे को बढ़ाता है।
- अपने मेरुदण्ड और गर्दन को सीधा रख कर बैठने की आदत डालें: गलत ढंग से बैठना आपकी रीढ़ पर अतिरिक्त तनाव डालता है।
- कुछ उठाते समय अपनी टांगो की सहायता लें: इससे आपकी पीठ पर दबाव कम पड़ेगा।
- स्वस्थ खाने की आदत डालें: मोटापा आपके मेरुदण्ड पर दबाव डालता है।
- कार्यस्थल पर शरीर को सीधा करने के लिये छोटे छोटे अवकाश लें।
- ड्राईविंग के समय ध्यान रखें की आपकी सीट ना तो बहुत पीछे हो नाही बहुत नीची हो।
- पीठ के बल सोना या एक तरफ पैरों के बीच तकिया लेकर सोना; पेट के बल कभी ना सोयें: ये आपके मेरुदण्ड को प्राकृतिक अवस्था में रखता है।
- उंचाई पर रखी वस्तुओं को उठाने से बचें: उंचाई पर रखी वस्तुओं तक पहुंचने के लिये मेज का सहारा लें।
- अभिभावक ध्यान रखें की उनके बच्चों का बस्ता ज्यादा भारी ना हो।