विशेष काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा
विशेष आगमन
काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक प्राथमिक चिकित्सक होते हैं अतः अपने पारिवारिक चिकितिसक से सन्दर्भ सलाह लेने की कोई आवश्यक्ता नही होती। आपके प्रथम आगमन पर आपके काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक आपसे स्वास्थ्य इतिहास पत्र भरने को कहेंगे,साथ ही आपके स्वास्थ्य इतिहास और वर्तमान स्वास्थ्य का आकलन और अवलोकन करेंगे। स्वास्थ्य इतिहास का पुनरावलोकन एक पूर्ण परीक्षण है जिसमें कई सहायक परीक्षण शामिल होते हैं , जो आपकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। इसके बाद चिकित्सक आपके ईलाज का तरीका और दौर निर्धारित करते हैं
मूल्यांकन
काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक रोग निदान के कई तरीकों जिसमें भौतिक परीक्षण ,अस्थि सम्बन्धी परीक्षण, स्नायुविक परीक्षण, रेडियो मूल्यांकन , जोड़ों की सीधे स्पर्श परीक्षण, आदि में उच्चतर प्रशिक्षित होतेहैं। ये तरीके चिकित्सक को मेरुदण्ड का वो भाग निर्देशित करते हैं जिसमे कार्य सुचारु रुप से नही चल रहा है।
मूल्यांकन के भाग हैं , गति की परास(चलावयता का मूल्यांकन), स्नायुविक परीक्षण (स्नायु क्रिया मूल्यांकन), अस्थि परीक्षण(जोड़ो के लिये), स्पर्श परीक्षा(मांसपेशी और जोड़ परीक्षण), मांसपेशी परीक्षण(मांसपेशी की कमजोरी का मूल्यांकन), मुद्रा, टांग की लम्बाई निरीक्षण(संरचना की जानकारी), और मेरुदण्ड की X किरण छायाचित्र,साथ ही जरुरत के हिसाब से और भी कई छायाचित्र, इन सबके बाद चिकित्सक तय करता है कि आपको किस तरह के इलाज की जरुरत है।
आपके स्वास्थ्य इतिहास और मूल्यांकन के बाद आपके परीक्षण और इलाज का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
काईरोप्रेक्टिक तकनीक
काईरोप्रेक्टिक हस्तचालित समायोजन से आप अनुकूल स्वास्थ्य प्राप्तकर सकते हैं, साथ ही आप अपने प्राकृतिकस्वास्थ्य को बढ़ा सकते हैं। आपके काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक आपको इससे जुड़ी कई चिकित्सा और तकनीकों में निपुण बना देंगे। काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा के प्राथमिक इलाज को काईरोप्रेक्टिक समायोजन कहते हैं और ये काफी सौम्य , नियंत्रित और दबाव निर्देशित होता है, जिससे आपके मेरुदण्ड की कार्यक्षमता और क्रियाविधि को बढ़ा कर स्नीयु को आराम पहुंचाता है।
काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक से सम्पर्क करने के लिये भा.का.चि.संघ से प्रमाणित चिकित्सालय देखें, आप अपने परिवारजन और दोस्तों को भी काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा के लाभ बतायें।