काईरोप्रेक्टिक क्या है?
उत्तरी अमेरिका में विषमचिकित्सा और दन्तचिकित्सा के बाद सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा है। हर साल विश्व के करोड़ो लोगों को 75000 से ज्यादा काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक स्वास्थ्य लाभ देते हैं। भारत में केवल चार काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक भारतीय काईरोप्रेक्टिक चिकित्सक संघ से मान्यता प्राप्त हैं।
काईरोप्रेक्टिक चिकित्सा की वो शाखा है जो स्नायु,मांसपेशी ,हड्डी ,जोड़ और ऊतक सम्बन्धी विकारों की जांच और ईलाज पर बल देता है। काईरोप्रेक्टक संरचना(मेरुदण्ड) और क्रियाविधि (स्नायुक्रिया) के बीच सम्बन्ध और उससे स्वास्थ्य का बचाव और संरक्षण पर केन्द्रित है।
काईरोप्रेक्टिक शब्द, ग्रीक शब्द CHEIR और PRAXIS से मिलकर बना है जिसका अर्थ है “हाथ से किया जाना”। काईरोप्रेक्टिक हस्तचालित ईलाज पर जोर देता है जैसे काईरोप्रेक्टिक समायोजन, तथापि इसमं कई सहायक तरीके और चिकित्सा का भी उपयोग होता है। ये औषधि और शल्य के बिना किया जाने वाला इलाज है।